लाइफस्टाइल डेस्क.लंदन में आयोजित हुई मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में राजस्थान की रहने वाली सुमन रतन सिंह राव ने तीसरा स्थान हासिल किया है। सुमन ने मिस वर्ल्ड एशिया 2019 का ताज अपने नाम किया है। इस खुशी को उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ साझा किया। उन्हीं के शब्दों के पढ़ें उनके जज्बात....

...बेहद खुश हूं कि पहली बार में ही यह सफलता हासिल हुई है। पहली बार अपने देश को प्रजेंट करने का मौका मिला, वह भी मिस वर्ल्ड के प्लेटफार्म पर। यह देश के बाहर पहली जर्नी थी। आई होप कि अपनी परफॉर्मेंस से मैं पूरे देश के लोगों को प्राउड फील करा पाई हूं। आज मेरे साथ देश-दुनिया की महिलाएं जुड़ी हैं। हजारों मैसेज आए हैं। महिलाएं घर पर चर्चा कर रहीं- वह सिर्फ खाना बनाने के लिए नहीं हैं। मुझे देखकर उन्हें लग तो रहा होगा कि उनका भी वजूद है। उनके होने-नहीं होने का बहुत ज्यादा फर्क पड़ता है। महिलाओं में सेल्फ रेसपेक्ट तो काफी बढ़ा होगा। मेरे लिए यही सबसे बड़ी जीत है। मैं बस सबको यही कहना चाहूंगी कि आपको लगता है कि आपको कुछ करना है या करना चाहिए तो वह करने के लिए और उसे पाने के लिए, उस मंजिल तक पहुंचने के लिए रास्ते ढूंढिए। यह सोचकर मत बैठिए कि यह मुझसे नहीं होगा। क्योंकि where there's a will, there's a way.(जहां चाह वहां राह)।

मैंने कभी नहीं सोचा कि यह नहीं कर पाऊंगी, हमेशा सोचा- करना कैसे है, रास्ते क्या हैं

सबसे पहले इस बारे में सोचा तो सबसे पहला सवाल दिमाग में यही था कि यह करूंगी कैसे? मैंने यह कभी नहीं सोचा कि यह मैं नहीं कर पाऊंगी। हां, थोड़ा सा डर था कि इसमें मेरा कोई बैकग्राउंड नहीं है। इससे कोई कनेक्शन नहीं है। मैं बहुत सिंपल फैमिली से बिलॉन्ग करती हूं। ऐसी कम्युनिटी से आती हूं जहां कभी फीमेल को ब्यूटी कंटेस्ट में भाग लेने की बाहुत आजादी नहीं। लेकिन यह सब ज्यादा सोचने के बजाय मैंने यह सोचा कि यह करना कैसे है? आगे कैसे बढ़ना है? किस तरीके से मैं अपने सपनों तक पहुंच सकती हूं? रास्ते ढूंढने पर मैंने ज्यादा ध्यान लगाया, ना कि एक्सक्यूज ढूंढने और कारण गिनाने में कि यह मुझसे नहीं होगा, बहुत डिफिकल्ट है।

सफर की शुरुआत कहां से, कब और क्यों...

मैं पैदा अपनी मां के गांव राजस्थान के राजसमंद के अईडाना में हुई। मैं जिस गांव से आती हूं वहां फीमेल को आज भी पूरी आजादी नहीं है। देखती हूं तो लगता है कि फीमेल को भी मेल की तरह आजादी मिलनी चाहिए। वहीं से फीमेल ओपिनियन को लेकर काम करने के बारे में सोचा लेकिन कभी प्लेटफार्म नहीं मिला। फिर मिस वर्ल्ड के बारे में 2 साल पहले पता चला जब मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का क्राउड जीता था। उस ब्यूटी कंटेस्ट के बारे में पता चला तो लगा कि अपनी बात रखने का इससे अच्छा प्लेटफॉर्म नहीं हो सकता। फिर मिस वर्ल्ड को लेकर एक-एक चीज को जाना। सभी मिस वर्ल्ड को पढ़ा और उनके बारे में जाना। इसके बाद तैयारी शुरू हुई। अब इस प्रोजेक्ट के सहारे महिलाओं की आवाज को अच्छे से उठा सकूंगी। फिर मुंबई में पढ़ाई की। फिलहाल सीए की पढ़ाई के साथ मॉडलिंग भी करती हूं। इसी से मैं कमाई भी करती हूं।

(मिस वर्ल्ड में सेकंड रनर अप रहीं सुमन राव ने लंदन से जैसा कि मुकेश महतो को बताया)



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